हाथियों के आतंक पर बिसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री से की ठोस कार्रवाई की मांग
सीमावर्ती क्षेत्र में टंच लाइन निर्माण और हाथियों के रेस्क्यू की उठाई मांग, 15 वर्षों में 17 ग्रामीणों की मौत का दिया हवाला
मुकेश पटेल 9644544570
अनूपपुर। जिले के सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे जंगली हाथियों के आतंक और उससे हो रही जन-धन की क्षति को लेकर पूर्व मंत्री एवं अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश में हाथियों के प्रवेश के मार्ग को नियंत्रित करने के लिए सीमा क्षेत्र में गहरी खाई/टंच लाइन का निर्माण कराने तथा वर्तमान में जिले में विचरण कर रहे हाथियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग की है।
विधायक बिसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ कोतमा और पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्रों के कई हिस्से छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे हुए हैं। छत्तीसगढ़ के मरवाही वन क्षेत्र से हाथियों के झुंड चोलना सहित सीमावर्ती इलाकों के रास्ते अनूपपुर जिले में प्रवेश करते हैं। इसके बाद खेतों, बाड़ियों और ग्रामीणों के घरों में पहुंचकर फसलों एवं खाद्यान्न को नुकसान पहुंचाते हैं। हाथियों के अचानक सामने आने से ग्रामीणों की जान पर भी गंभीर खतरा बना रहता है।
16 अगस्त को फिर पहुंचा हाथियों का झुंड
पत्र में उल्लेख किया गया है कि 16 अगस्त 2026 को तीन हाथियों का झुंड पुनः इसी मार्ग से जिले में प्रवेश कर गया। हाथियों ने चोलना, पहरिया, कुकुरगोड़ा, धनगवां, चोई, भलुवान टोला, चौधरियान टोला और पड़वनिया टोला सहित आसपास के क्षेत्रों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। वर्तमान में हाथियों के घुसरिया बीट के लेगरा पहाड़ क्षेत्र में विचरण करने की बात कही गई है। इससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
15 वर्षों में 17 ग्रामीणों की मौत का दावा
बिसाहूलाल सिंह ने अपने पत्र के साथ वन्यजीव संरक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल द्वारा संकलित विवरण का उल्लेख करते हुए कहा कि अप्रैल 2011 से 30 अप्रैल 2026 तक अनूपपुर वन मंडल में जंगली हाथियों के हमलों में 17 ग्रामीणों की जान जा चुकी है। इनमें 12 पुरुष, 4 महिलाएं और एक बालक शामिल हैं।
पत्र में विभिन्न घटनाओं का विस्तृत विवरण देते हुए बताया गया है कि कई ग्रामीणों को हाथियों ने पटककर और पैरों से कुचलकर मार डाला। कई घटनाओं में खेतों की रखवाली कर रहे ग्रामीणों तथा घरों में मौजूद लोगों को हाथियों ने निशाना बनाया।
2024 में ‘त्रिदेव’ हाथी का हुआ था रेस्क्यू
पत्र में फरवरी 2024 की घटना का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें हाथी के हमले में ग्रामीण ज्ञान सिंह की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश उत्पन्न हुआ था। इसके बाद वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया तथा 24 फरवरी 2024 को ‘त्रिदेव’ नामक नर हाथी का सफल रेस्क्यू कर उसे कान्हा टाइगर रिजर्व ले जाया गया।
सीमा पर स्थायी समाधान की मांग
पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि केवल हाथियों को खदेड़ने या अलग-अलग घटनाओं के बाद रेस्क्यू करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। छत्तीसगढ़ के मरवाही वन क्षेत्र से हाथियों के आने वाले मार्ग की पहचान कर मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर वैज्ञानिक तरीके से गहरी खाई/टंच लाइन का निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि हाथियों के आवागमन को नियंत्रित किया जा सके।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अनूपपुर जिले में वर्तमान में विचरण कर रहे हाथियों को विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम की मदद से सुरक्षित रूप से पकड़कर ऐसे राष्ट्रीय उद्यान अथवा उपयुक्त वन क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए, जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना कम हो।
ग्रामीणों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
विधायक बिसाहूलाल सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हाथियों के कारण किसानों की फसल, मकान और घरेलू सामग्री को होने वाले नुकसान के साथ-साथ मानव जीवन की लगातार हो रही क्षति गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में वन विभाग और जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर स्थायी एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कराने का आग्रह किया है।
पत्र के माध्यम से विधायक ने स्पष्ट किया है कि हाथी-मानव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल राहत के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान पर भी गंभीरता से काम किया जाना आवश्यक है।
Related Stories
संभागीय संयुक्त संचालक ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा की
1 min read · एक महीने पहले
किसी भी संस्था की सफलता रातोंरात नहीं मिलती: डायरेक्टर अंकित शुक्ला
1 min read · एक महीने पहले
11 लाख की स्वीकृति, खर्च सिर्फ एक लाख! दो तालाबों के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी के आरोप, उप सरपंच ने कलेक्टर से की शिकायत
1 min read · एक महीने पहले
जैतहरी में सावन मिलन समारोह में उमड़ा महिलाओं का सैलाब, जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने सुनीं समस्याएं
1 min read · 2 सप्ताह पहले
*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय*
1 min read · एक महीने पहले
डॉ. मोहन देश के पहले सीएम, जिन्होंने काफिले में शामिल की EV, दिया पीएम मोदी का संदेश
1 min read · 3 महीने पहले