11 लाख की स्वीकृति, खर्च सिर्फ एक लाख! दो तालाबों के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी के आरोप, उप सरपंच ने कलेक्टर से की शिकायत

दो तालाबों के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी के आरोप, उप सरपंच ने कलेक्टर से की शिकायत

11 लाख की स्वीकृति, खर्च सिर्फ एक लाख! दो तालाबों के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी के आरोप, उप सरपंच ने कलेक्टर से की शिकायत

11 लाख की स्वीकृति, खर्च सिर्फ एक लाख!
दो तालाबों के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी के आरोप, उप सरपंच ने कलेक्टर से की शिकायत

अनूपपुर। जनपद पंचायत जैतहरी की ग्राम पंचायत क्योटार में दो तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत के उप सरपंच ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि जिला पंचायत के कार्यालयीन आदेश के अनुसार 15वें वित्त आयोग (जीपीडीपी) के तहत बेलहा तालाब एवं बहीझोरी तालाब के जीर्णोद्धार के लिए क्रमश: 5 लाख और 6.53 लाख रुपये, कुल 11.53 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन सचिव रामलखन राठौर के द्वारा दोनों तालाबों में केवल ऊपरी परत की खुदाई कर औपचारिक कार्य कराया गया तथा लगभग एक लाख रुपये खर्च कर शेष राशि के दुरुपयोग की तैयारी की जा रही है। शिकायत में कहा गया है कि मौके पर तालाबों का वास्तविक जीर्णोद्धार नहीं हुआ है। कार्य की गुणवत्ता और प्रगति स्वीकृत राशि के अनुरूप नहीं दिखाई देती। आरोप है कि कार्य को पूर्ण दर्शाकर शासकीय राशि का भुगतान कराने की कोशिश की जा रही है। कलेक्टर द्वारा 10 जून 2026 को जारी आदेश में दोनों तालाबों के जीर्णोद्धार को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। आदेश में निर्माण कार्य की नियमित निगरानी, फोटो अपलोड, माप-पुस्तिका संधारण तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश भी दिए गए हैं। उसके बावजूद भी सचिव द्वारा नियमों के तहत् कार्य नही कराया गया। उप सरपंच ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक कार्य का सत्यापन, आगामी होने वाले वित्तीय अनियमितता की जांच तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
स्वीकृति मिलने से पहले ही जेसीबी से कराई थी कार्य
ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच धनराज सिंह ने 7 जुलाई 2026 को कलेक्टर को आवेदन सौंपकर मामले की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि स्वीकृति मिलने से पहले ही जेसीबी मशीन से तालाबों की केवल ऊपरी मिट्टी हटाई गई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर भी मात्र लगभग 4 इंच मिट्टी छीलकर कार्य पूरा दिखाने की तैयारी की जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वास्तविक जीर्णोद्धार कार्य किए बिना शासकीय राशि के दुरुपयोग का प्रयास किया जा रहा है। आवेदन में जीपीएस फोटो एवं ग्रामीणों को प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है। पूर्व सरपंच ने कलेक्टर से स्वतंत्र जांच दल गठित कर स्थल का निरीक्षण कराने, कार्य की गुणवत्ता एवं व्यय की जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।



अब मूल्यांकन में फंसी पेज
सचिव राममिलन राठौर के द्वारा 20 प्रतिशत कार्य कराते हुए बेलहा तालाब का मूल्यांकन भी करा लिया, लेकिन उपयंत्री विपिन श्रीवास के द्वारा निर्धारित मापदंड व कार्य को देखते हुए 90 हजार रूपए का ही मूल्यांकन किया है, उन्होनें बताया कि जितना कार्य कराया गया है, उन्ही का मूल्यांकन किया गया है। जब तक मिट्टी मेढ में नही रखी जाती है तब तक संपूर्ण कार्य का मूल्यांकन नही किया जा सकता है, उन्हों ने अभी तक नीचे ही मिट्टी रख दी है, जिससे बरसात के पानी में पूरा पुन: बह जायेगा, ऐसे में कार्य कराने का कोई मतलब नही है। वही बहिझोरी तालाब का एक भी मूल्यांकन कार्य नही हुआ है। कुल मिलाकर जो भी कार्य दोनो तालाब में हुए है वह बरसात के बाद कोई औचित्य के नही रहेंगे, कुल मिलाकर सचिव के मनमाने क्रियाकलाप के कारण शासकीय राशि का दुरूपयोग हो रहा है।

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