रेरा और प्रशासन की आँखों में धूल झोंककर बिक रहा सपनो का घर

अनूपपुर में नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनाइजर बेच रहे अधर में लटके घर

रेरा और प्रशासन की आँखों में धूल झोंककर बिक रहा सपनो का घर

रेरा और प्रशासन की आँखों में धूल झोंककर बिक रहा सपनो का घर

अनूपपुर में नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनाइजर बेच रहे अधर में लटके घर

वीरेंद्र कुमार पांडेय मो.7987844172


अनूपपुर। मध्य प्रदेश भू-संपदा विन्यामक प्राधिकरण (रेरा) और जिला प्रशासन के सख्त दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर अनूपपुर में भोले-भाले नागरिकों को सपनों का आशियाना बेचने के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। दस्तावेजों में सब कुछ वैध और दुरुस्त दिखाया जा रहा है, लेकिन मैदानी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।

 श्री मान गोल्डन रिवेरा जैसी आवासीय परियोजनाओं में प्रमोटर्स द्वारा कागजों पर 
100 प्रतिशत विकास कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है, जबकि धरातल पर न तो पक्की सडक़ें हैं, न ही जल निकासी (सीवर लाइन) की सुचारू व्यवस्था, और न ही खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं।

 हद तो तब हो जाती है जब प्रोजेक्ट की मियाद समाप्त होने या विलंब के बावजूद, कथित तौर पर इंजीनियरों से मिलीभगत कर और पैसे के बल पर फर्जी प्रमाण पत्र बनवा लिए जाते हैं। नगर तथा ग्राम निवेश की स्वीकृतियों के इतर कॉलोनाइजर जनता को गुमराह कर रहे हैं।

 हालात यह हैं कि बिना मूलभूत सुविधाओं के ही लोगों को प्लॉट और मकान के अनुबंध थमाए जा रहे हैं। यदि समय रहते इस पर प्रशासनिक हंटर नहीं चला, तो गाढ़ी कमाई लगाकर घर खरीदने वाले आम लोग ठगा सा महसूस करेंगे।

श्री मान गोल्डन रिवेरा प्रोजेक्ट पर उठे सवाल
पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने बन रहे अवैध कालोनी मामले में एसडीएम प्राशी अग्रवाल ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिये है |

 वही अब अनूपपुर जिले के ग्राम सामतपुर में बन रही आवासीय कॉलोनी श्री मान गोल्डन रिवेरा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। प्रमोटर ग्रेण्ड्रीज होम्स द्वारा भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण, भोपाल के पोर्टल पर जमा कराए गए दस्तावेजों में परियोजना की सारी बुनियादी सुविधाएं 100 प्रतिशत पूर्ण दिखाई गई हैं, जबकि प्राधिकरण के अपने आदेशों से जाहिर होता है कि यह प्रोजेक्ट वर्षों से अधूरा और विवादों में घिरा रहा है।

हम पैसे लेकर सार्टिफिकेट देते है

रेरा पोर्टल पर अपलोड रिपोर्ट के अनुसार सडक़, जल निकासी, पानी की टंकी, जलापूर्ति पाइपलाइन, बाहरी विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाइट, सीवेज/सेप्टिक टैंक, पार्क, खेल मैदान, प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल और क्लब हाउस सभी 23 मदों को शत-प्रतिशत पूर्ण बताया गया है। यह प्रमाण-पत्र इंजीनियर मोहम्मद सलमान खान के हस्ताक्षर से जारी हुआ है, जिसमें लिखा है कि निर्माण सामग्री, कारीगरी और गुणवत्ता सभी भारतीय मानकों के अनुरूप है। जबकि भास्कर टीम ने इंजीनियर मोहम्मद सलमान खान से बात की तो कहां कि हम केवल पैसे लेते है और सार्टिफिकेट दे देते है। कालोनी तक विजिट करने नही जाते है क्योंकि पूरे पैसे निर्माणकर्ता द्वारा नही दिया जाता है।

कालोनी की कमियों और अनियमितताओं का अंबार

1. बुनियादी सुविधाओं का पूर्ण अभाव: कॉलोनी के भौतिक सत्यापन में यह स्पष्ट है कि मौके पर न तो व्यवस्थित सडक़ें हैं और न ही गंदे पानी की निकासी के लिए उचित सीवर लाइन की व्यवस्था।
 2. खेल मैदान और जन-सुविधाओं का गायब होना: स्वीकृत नक्शों और लेआउट के विपरीत, बच्चों के लिए खेल का मैदान (किड्स प्ले-जोन), पार्क और सार्वजनिक उपयोग की अन्य अनिवार्य भूमि पर कोई काम नहीं किया गया है।
 3. इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट में धांधली: धरातल पर काम अधूरा होने के बावजूद, कथित तौर पर तकनीकी विशेषज्ञों और इंजीनियरों से साठगांठ कर फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण दर्शाया जा रहा है।
 4. समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी अवैध बिक्री: परियोजना की निर्धारित समयावधि और वैधता समाप्त होने के पश्चात भी नियमों को ताक पर रखकर इकाइयों के अनुबंध व विक्रय का कार्य जारी है। हांलाकि कई बार एक्सटेंशन के अनुमति प्रक्रिया अपनाई गई है।

इनका कहना है
श्री मान गोल्डन रिवेरा प्रोजेक्ट द्वारा एनओसी के लिए अप्लाई नही किया है, जब वह अनुमति लेंगे तो हम पूरी जानकारी लेंकर ही जारी करेंगे। अभी वह परियोजना संचालित है।
प्राशी अग्रवाल, एसडीएम अनूपपुर

सभी कार्यो पर कार्य किया जा रहा है, पौधे, नाली व स्ट्रीट लाईट की सुविधाएं उपलब्ध है, कुछ कार्य बाकी है, जिसे जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा, इंजीनियर के सार्टिफिकेट के विषय में पूछने पर चर्चा नही की गई।
संजय मिश्रा, प्रोजेक्ट पार्टनर

 

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