जैतहरी क्षेत्र में सात दिनों से दो हाथियों का उत्पात, मकान और फसलें क्षतिग्रस्त

वर्षाकाल में घरों में घुसकर तोड़फोड़ से ग्रामीण भयभीत, वन विभाग की टीम लगातार कर रही निगरानी

जैतहरी क्षेत्र में सात दिनों से दो हाथियों का उत्पात, मकान और फसलें क्षतिग्रस्त

जैतहरी क्षेत्र में सात दिनों से दो हाथियों का उत्पात, मकान और फसलें क्षतिग्रस्त

वर्षाकाल में घरों में घुसकर तोड़फोड़ से ग्रामीण भयभीत, वन विभाग की टीम लगातार कर रही निगरानी

अनूपपुर। छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र से होकर अनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके में पहुंचे दो हाथियों ने पिछले सात दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत मचा रखी है। हाथी दिन में जंगल से निकलकर खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि रात होते ही भोजन की तलाश में ग्रामीण बस्तियों तक पहुंचकर कच्चे मकानों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीण भयभीत हैं। वन विभाग का गश्ती दल हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, चार हाथियों का समूह पूर्व में छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र से पसान-कटघोरा इलाके की ओर चला गया था। इनमें से एक बड़ा और एक छोटा हाथी 14 अगस्त की रात करीब 13 दिन बाद दोबारा मरवाही क्षेत्र को पार कर अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत चोलना एवं वन बीट चोलना के जंगल में पहुंचा। दोनों हाथी पिछले सात दिनों से चोलना और धनगवां वन बीट के जंगलों में विचरण कर रहे हैं।

भोजन की तलाश में हाथी दिन के समय भी जंगल से निकलकर आसपास के खेतों में पहुंच रहे हैं और धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रात में ये ग्रामीण बस्तियों में पहुंचकर कच्चे मकानों में खाने की तलाश में तोड़फोड़ कर रहे हैं। एक सप्ताह के दौरान चोलना एवं धनगवां बीट के पड़रिया, कुकुरगोड़ा, चोई, भलुवान टोला, कुसुमहाई, पटौरा और टकहुली सहित अन्य गांवों में 8 से अधिक मकानों तथा 30 से अधिक किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

गुरुवार को दोनों हाथी कुसुमहाई के झंडीटोला मोहल्ले से लगे बांस प्लांटेशन में दिनभर रुके रहे। दोपहर बाद जंगल से निकलकर एक शिक्षक के घर के पास पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ा, जिसके बाद हाथी जंगल की ओर चले गए। रात में फिर जंगल से निकलकर कुसुमहाई, पटौरा होते हुए टकहुली पहुंचे और एक घर में तोड़फोड़ की। सुबह दोनों हाथी ग्राम पंचायत पचौहा के पाठबाबा जंगल में जाकर ठहर गए। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे हाथियों के जंगल से निकलने के बाद वे ग्रामीणों के खेतों में पहुंचकर फसलों को अपना आहार बनाने लगे।

लगातार हाथियों के जैतहरी क्षेत्र में विचरण और घरों व फसलों को नुकसान पहुंचाने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन विभाग का हाथी गश्ती दल लगातार निगरानी कर रहा है। विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों के नजदीक नहीं जाने, उन्हें घेरने या भगाने का प्रयास नहीं करने तथा हाथियों की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन अमले को देने की अपील की है।

वहीं, जिला प्रशासन एवं वन मंडलाधिकारी अनूपपुर ने हाथियों से हुए नुकसान के मामलों में संबंधित पटवारी और वनरक्षकों को तत्काल राहत प्रकरण तैयार कर तहसील में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदारों से भी राहत प्रकरणों का समय पर निराकरण कर प्रभावित ग्रामीणों को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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