जनजातीय कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें अधिकारी-अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य

अध्यक्ष श्री आर्य की अध्यक्षता में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई आयोजित

जनजातीय कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें अधिकारी-अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य

जनजातीय कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें अधिकारी-अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य

जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए समन्वित प्रयास करें अधिकारी -श्री अंतर सिंह आर्य

युवाओं से संवाद कर योजनाओं का दिलाएं लाभ- अध्यक्ष राष्ट्रीय जनजाति आयोग 

जनजातीय हित सर्वोपरि, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें- श्री अंतर सिंह आर्य

अध्यक्ष श्री आर्य की अध्यक्षता में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई आयोजित

अनूपपुर 14 जुलाई 2026- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने कहा है कि जिले के अधिकारी अनुसूचित जनजाति वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए आपसी समन्वय के साथ परिणाममूलक कार्य करें। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के जीवन में खुशहाली लाना, उनके चेहरे पर मुस्कान लाना तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाना है। श्री आर्य ने अधिकारियों से कहा कि वे जिले के भ्रमण के दौरान जनजातीय युवाओं से नियमित संवाद करें तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में विधिसम्मत और पारदर्शी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। राष्ट्रीय जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री आर्य आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित जनजातीय वर्ग के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।

समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य को जिले की भौगोलिक स्थिति तथा जनजातीय समुदाय से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान अध्यक्ष श्री आर्य ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चिन्हित सड़क विहीन ग्रामों एवं बसाहटों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में बैगा बहुल क्षेत्रों के 121 सड़क विहीन मार्ग चिन्हित किए गए थे। इनमें से 95 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 26 मार्गों को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं मजरा-टोला योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। इन मार्गों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर पूर्ण कराया जाएगा, जिससे दूरस्थ जनजातीय बस्तियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 41,948 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 38,236 आवास पूर्ण हो चुके हैं। वहीं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बैगा समुदाय के लिए स्वीकृत 3,907 आवासों में से 3,647 मकानों का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने सिकल सेल एनीमिया की स्थिति और नियंत्रण उपायों की जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में 6 लाख 37 हजार 50 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है तथा सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम और जागरूकता के लिए गनियारी मॉडल के माध्यम से प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। 

बैठक में अध्यक्ष श्री आर्य ने जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित विद्यालयों, आश्रमों एवं छात्रावासों की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना तथा उपलब्धता की जानकारी लेते हुए आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने शौचालयों के कार्यात्मक उपयोग को सुनिश्चित करने, अनुसूचित जनजातीय युवाओं के लिए नियमित स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित करने तथा आईटीआई के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, ताकि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के बेहतर अवसर मिल सकें।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने जिले में वितरित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पट्टों, सामुदायिक दावों तथा अन्य लंबित प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने वन मंडलाधिकारी एवं सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग से वनाधिकार पट्टों के अनुमोदित और निरस्त मामलों की जानकारी प्राप्त करते हुए उनकी विधिवत समीक्षा कराई। अध्यक्ष श्री आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन वनाधिकार दावों को निरस्त किया गया है, उनका पुनः परीक्षण किया जाए। यदि कोई पात्र जनजातीय परिवार लाभ से वंचित रह गया हो तो नियमानुसार उसे वनाधिकार पट्टा प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जनजातीय समुदाय के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करें तथा योजनाओं में परिणाममूलक प्रगति सुनिश्चित करें।

बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने जिले में अनुसूचित जनजाति वर्ग की ‘लखपति दीदी’ की संख्या की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 10,720 अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाएं लखपति दीदी के रूप में आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इस उपलब्धि पर अध्यक्ष श्री आर्य ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। 

बैठक में अध्यक्ष श्री आर्य ने फसल बीमा योजना, मुद्रा योजना, आयुष्मान एवं स्वास्थ्य कार्ड योजना, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, आचार्य विद्यासागर योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस विभाग से कानून-व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। जिले में खेल गतिविधियों, विशेषकर फुटबॉल को बढ़ावा देने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। अध्यक्ष श्री आर्य ने अधिकारियों को जनजातीय युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, खेल सुविधाओं का विस्तार करने तथा सभी विभागों में योजनाओं के प्रभावी और परिणाममूलक क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में मध्य प्रदेश जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, वनमंडलाधिकारी श्री डेविड वेंकट राव चनाप, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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