अमरकंटक विश्वविद्यालय को आदर्श संस्थान के रूप में विकसित किया जाएँ- अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य
जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य करें- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष
अमरकंटक विश्वविद्यालय को आदर्श संस्थान के रूप में विकसित किया जाएँ- अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य
जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य करें- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष
विश्वविद्यालय प्रशासन एवं कर्मचारी संगठन जनजातीय विद्यार्थियों के हित में समन्वय एवं एकजुटता के साथ कार्य करें- अध्यक्ष
विश्वविद्यालय में अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के हितों की रक्षा तथा संस्थान के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री आर्य ने अमरकंटक विश्वविद्यालय आयोजित समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
अनूपपुर 15 जुलाई 2026- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने कहा है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। उन्होंने विश्वविद्यालय को एक आदर्श संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। अध्यक्ष श्री आर्य ने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत जनजातीय विद्यार्थियों को केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उनके शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ कार्य किया जाए।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री आर्य ने आज इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री आर्य ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं जनजातीय विद्यार्थियों के नामांकन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय में अधिक से अधिक जनजातीय विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जनजातीय समुदाय के शैक्षणिक उत्थान के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, इसलिए जनजातीय वर्ग के लिए आरक्षित सभी सीटों पर पात्र जनजातीय विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए विशेष प्रयास किए जाएँ।
बैठक में उन्होंने विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास निर्माण संबंधी प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जनजातीय विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं विश्वविद्यालय के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर आरक्षण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष श्री आर्य ने निर्देश दिए कि आरक्षण नीति के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी सामान्य मेरिट सूची के आधार पर चयनित होता है, तो उसे आरक्षित जनजातीय सीट के विरुद्ध न गिना जाए तथा अनुसूचित जनजाति के लिए निर्धारित सभी आरक्षित पद एवं सीटें पूर्ण रूप से भरी जाएँ। इसके लिए विशेष भर्ती अभियान संचालित कर रिक्त पदों एवं सीटों को शीघ्र भरा जाए।
अध्यक्ष श्री आर्य ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि गोपनीय रोस्टर, पदोन्नति, वरिष्ठता तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक जानकारियाँ निर्धारित नियमों के अनुरूप विश्वविद्यालय के पोर्टल पर नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएँ, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
बैठक में विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास आवंटन संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने निर्देश दिए कि आवास आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी एवं नियमसम्मत ढंग से संचालित की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित मॉडल विद्यालय को अधिक सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालय में जनजातीय विद्यार्थियों का अधिकतम नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा इसे कक्षा 12वीं तक संचालित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाए। साथ ही, विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों में लगभग 80 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएँ।
अध्यक्ष श्री आर्य ने विश्वविद्यालय में संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिष्ठान के अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संचालित कोचिंग सुविधाओं का लाभ सभी वर्गों के विद्यार्थियों तथा विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए ।
बैठक के दौरान विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। साथ ही, आवश्यक प्रशासनिक प्रस्ताव नियमानुसार शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा संस्थान के समग्र विकास एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के संबंध में विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। इस दौरान विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.के. शुक्ला, कुल सचिव श्री हरिनारायण मूर्ति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री वसीम अहमद भट्ट, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री सरिता नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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