मुकेश पटेल 9644544570
अनूपपुर। अनूपपुर रेलवे जंक्शन के विकास और यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे प्रशासन ने आगामी योजनाओं पर काम तेज कर दिया है। मंगलवार को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के डीआरएम राकेश रंजन ने अनूपपुर जंक्शन पहुंचकर स्टेशन का निरीक्षण किया और चल रहे निर्माण कार्यों के साथ भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि स्टेशन के दूसरी ओर भी प्लेटफॉर्म विकसित करने की योजना रेलवे के मास्टर प्लान में शामिल की गई है। वहीं बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने की योजना भी प्रस्तावित है।
डीआरएम ने बताया कि स्टेशन की दूसरी दिशा में प्लेटफॉर्म निर्माण के लिए प्रारंभिक स्तर पर अर्थवर्क का काम शुरू किया जा चुका है। योजना के अनुसार अगले वर्ष प्लेटफॉर्म निर्माण की दिशा में आगे काम शुरू हो सकता है। दूसरी ओर प्लेटफॉर्म बनने से स्टेशन का विस्तार होगा और भविष्य में ट्रेनों के संचालन तथा यात्रियों की आवाजाही को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
इसी साल पूरे होंगे अटके निर्माण कार्य
डीआरएम ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो कार्य किसी कारण से रुके हुए हैं, उन्हें इसी वर्ष पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। स्टेशन को यात्री सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने तथा अधूरे कार्यों को गति देने पर रेलवे अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।

बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए लिफ्ट की प्रस्तावित सुविधा भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्टेशन पर प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में परेशानी वाले यात्रियों को इससे राहत मिल सकेगी। वहीं जिला विकास मंच ने भी अनूपपुर स्टेशन के विकास से जुड़े कई मुद्दे डीआरएम के समक्ष रखे हैं।
जिला विकास मंच ने रखीं कई मांगें
जिला विकास मंच, अनूपपुर के संयोजक एवं अधिवक्ता बासुदेव चटर्जी ने रेलवे प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अनूपपुर स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग की। इसमें स्टेशन की विपरीत दिशा में रास्ता खोलने, रेलवे काउंटर स्थापित करने, बड़े डिजिटल ट्रेन आगमन स्क्रीन लगाने, साधारण श्रेणी के वेटिंग सेंटर का निर्माण करने सहित कई मांगें शामिल हैं।
मंच ने वर्ष 2022 से लंबित प्लेटफॉर्म क्रमांक 1, 2 और 3 को जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र पूरा करने, पुराने ईस्ट केबिन के पास अंडरपास अथवा नया फुट ओवरब्रिज बनाने, निर्माणाधीन रोड ओवरब्रिज बीओके-61 को जल्द पूरा करने तथा पुराने वेस्ट केबिन के पास चंदास नदी के रेलवे ओवरब्रिज पर सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था की मांग भी रखी है।
इसके अलावा मंच ने अनूपपुर-अंबिकापुर के बीच नई मेमू ट्रेन, अंबिकापुर-रायपुर के बीच इंटरसिटी ट्रेन, कोरोना काल में बंद कुछ ट्रेनों को पुनः शुरू करने तथा विभिन्न ट्रेनों के फेरे और विस्तार की मांग भी रेलवे प्रशासन के सामने रखी है।
छुलहा स्टेशन की समस्याओं पर 15 दिन का अल्टीमेटम
इधर छुलहा रेलवे स्टेशन की समस्याओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जैतहरी के अध्यक्ष राजन कुमार राठौर के नेतृत्व में रेलवे प्रशासन को स्मरण पत्र सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कोरोना काल से बंद ट्रेनों के ठहराव बहाल करने सहित स्टेशन की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग की है।
स्मरण पत्र में कहा गया है कि छुलहा रेलवे स्टेशन करीब 30 हजार आबादी के लिए महत्वपूर्ण आवागमन केंद्र है। आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, विद्यार्थी, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग स्टेशन पर निर्भर हैं। कोरोना काल में बंद किए गए ट्रेनों के ठहराव अब तक बहाल नहीं होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर-बिलासपुर, भोपाल-बिलासपुर, रीवा-बिलासपुर, बिलासपुर-चिरमिरी और दुर्ग-अंबिकापुर सहित अन्य ट्रेनों के ठहराव पुनः शुरू करने की मांग की है। इसके साथ ही फुट ओवरब्रिज को सड़क, बस स्टैंड और प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 की ओर विस्तारित करने की मांग की गई है, ताकि मालगाड़ी खड़ी होने की स्थिति में यात्रियों को पटरी पार करने की मजबूरी न हो।
छुलहा रोड और मंडेरी रोड तक पक्की सड़क, हर्रई-बर्री, बीके-60 और बाईपास अंडरब्रिज में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, रेलवे लिंक रोड का डामरीकरण, नाली निर्माण और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की मांग भी रखी गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
स्टेशन के बाहर शौचालय की मांग, पार्षद ने डीआरएम को लिखा पत्र
इसी बीच अनूपपुर रेलवे स्टेशन की यात्री सुविधाओं से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण समस्या सामने आई है। नगर पालिका परिषद अनूपपुर के वार्ड क्रमांक-4 के पार्षद एवं जल कार्य एवं सीवरेज विभाग के सभापति दीपक कुमार शुक्ला ने डीआरएम को पत्र भेजकर स्टेशन के बाहरी परिसर में सार्वजनिक सुलभ शौचालय निर्माण की मांग की है।
पार्षद ने पत्र में बताया कि स्टेशन के बाहरी परिसर में पर्याप्त सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं होने से यात्रियों, स्थानीय नागरिकों, ऑटो और टैक्सी चालकों सहित अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शौचालय की सुविधा के अभाव में लोगों के खुले में शौच करने की स्थिति बनने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी पैदा हो रही है।
उन्होंने रेलवे अधिकारियों से स्थल निरीक्षण कराकर स्थायी सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही स्थायी निर्माण होने तक अस्थायी शौचालय की व्यवस्था तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
ट्रेनों से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक उम्मीदें
डीआरएम के निरीक्षण के बाद अनूपपुर जंक्शन के विकास को लेकर कई स्तरों पर उम्मीदें बढ़ी हैं। एक ओर मास्टर प्लान में स्टेशन की दूसरी दिशा में प्लेटफॉर्म और लिफ्ट जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से लंबित फुट ओवरब्रिज, सड़क, प्रकाश, शौचालय, वेटिंग सेंटर और ट्रेनों के ठहराव जैसी मांगें भी रेलवे प्रशासन के सामने रखी गई हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मास्टर प्लान में शामिल नई योजनाओं के साथ वर्षों से लंबित यात्री सुविधाओं और निर्माण कार्यों को रेलवे कितनी तेजी से धरातल पर उतारता है। अनूपपुर जंक्शन क्षेत्र के हजारों यात्रियों की नजर अब रेलवे प्रशासन की आगामी कार्रवाई और निर्धारित समयसीमा में होने वाले कामों पर टिकी है।
लेखक
NewsDose